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Weird Life...
गुरुवार, 5 मार्च 2009
Dar
खुली आंखों में सपने दिल में कशिश
ये शायद असर तेरे होने का है
दिल को बेचैन तुम थोड़ा धीरे करो
क्या कहू हमको डर ख़ुद के खोने का है
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