ख़ुद को खोके तुझको पाने की चाहत
तेरी आँखों में मिलती दिल को जो राहत
तेरा रस्ता तकना यु पल पल मचलना
तेरे वास्ते नंगे पाव भी चलना
जिस घड़ी सोचना बस तुझे सोचना
हर हवा में फिजा में तुझे देखना
तेरे संग जिंदगी के वो प्यारे से खाब
मुश्किलें बेपनाह मोहब्बत बेहिसाब
तेरा वो मुझसे छुप छुप के मिलना
दिल ही दिल में जैसे फूलो का खिलना
डूबी डूबी सी यादों में कुछ गुन गुनाना
कभी खिल खिलाना कभी दिल दुखाना
तू नही है मगर तेरी यादें तो है
थोड़े धुन्दले हुए तेरे वादे तो है
जब तलक साँस है तुझे भुलाना है मुश्किल
तेरा दिल में आके फ़िर जाना है मुश्किल
यूँ तो कितनी ही बातें है यादें भी है
मेरे दिल के बंधे तुझसे धागे भी है
चंद पल तेरे बिन जी ही लिया हु मैं
चंद पल तेरे बिन और आगे भी है
गुरुवार, 5 मार्च 2009
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