शनिवार, 23 मई 2009

Please Wait...

पलकों के थोड़े पीछे ये आंसू रुके है
अब ये उलझन समझाने की जिद ना करो
हो सके तो समझ लो ये सब बिना पूछे
अभी ख़ुद को मनाने की जिद ना करो

हाँ तू मुझसे खफा है किसी बात पर
होश में अपने मैं भी नही हूँ मगर
चंद पल ढूँढ लू अपने जीने का मकसद
अभी मुझको झुकाने की जिद ना करो

सोमवार, 30 मार्च 2009

Wish...

शायद मेरी नन्ही कोशिश
है बेबस तुम्हे मनाने में
में क्या बोलू में भी लेकिन
हूँ टूटा बहुत जमाने से

में शायद ऐसा नादां हु
समझू मैं नही तुम्हे अच्छे से
या फ़िर ऐसा भी हो जाने
तू खफा हो इस अंजाने से

में आज तुम्हे समझू इतनी
हिम्मत शायद न जुटा पाऊं
तू ही कुछ ऐसा कर ख़ुद को
समझा ले किसी बहाने से

बस आज तू मेरे साथ में चल
तुम बिन में बहुत अकेला हु
में बैठा हु कब से जाने
ये धड़कन तुम्हे सुनाने को

ऐ खुदा तू ऐसा जुल्म न कर
मुझपे थोड़ा सा रहम तो कर
में कब तक अपने घर में ही
यूँ ढूंडा करू ठिकाने को

Failure?

यूँ तो कितने करीब हम और तुम है अभी
जाने क्यूँ यूँ लगे न मिले हो कभी
बे निशाँ हो गई है धुएँ की तरह
दिल के मेले में मेरी ये कोशिश सभी

कुछ है तेरा कसूर कुछ है मेरी कमी
मुझको जीने न दे आँखों की ये नमी
कैसे में आगे बढ़के तुझे जान लूँ
आंधिया मेरे दिल पे एक पल ना थमी

A Wish

कुछ खुशी थोड़े गम
अपने संग लेके हम
हाथ में हाथ रख
उड़ के छु लें गगन

तू मेरा में तेरा
दिल है ठहरा मेरा
मेरी साँसों पे हो
जैसे पहरा तेरा

तेरे संग हर समां
जाने कैसी कशिश
तेरे संग एक पल
जैसे कोई तपिश

हर घड़ी इस कदर
तुझको चाहे ये मन
अब तो में बस तेरा
अब न कोई शिकन

आ चले अब कंही
दूर दुनिया से हम
तू कहे तो चलो
उड़ के छु ले गगन

गुरुवार, 5 मार्च 2009

Happening...

आदत न हो जाए हमको तुम्हारी
इसी गुफ्तगू में हम आज कल है
मदहोशी सी में तुझे देखते
मेरी आँख में थोड़े ठहरे से पल है

जिंदगी के इस मोड़ पे तुम जो मिले हो
यूँ लगे जिंदगी जैसे थम सी गई है
दूर तुझसे रहे या के आए करीब
क्या कहू ऐसी उलझन में गुमसुम से हम है

एक पल तेरा मिलना क्या जादू चलाये
ये दिल जाने कितने ही सपने बनाये
अगले ही पल जाने क्यूँ बेकदर
आगे बढ़के ये दुनिया हकीक़त दिखाए

एक पल को दिल करे के बंद कर लूँ आँखे
में तेरे दिल में और तू मेरे दिल में झांके
संग चले हम निडर हो कदम से कदम
किस लिए हम डरे और क्यूँ ख़ुद से भागे

Old Days

ख़ुद को खोके तुझको पाने की चाहत
तेरी आँखों में मिलती दिल को जो राहत
तेरा रस्ता तकना यु पल पल मचलना
तेरे वास्ते नंगे पाव भी चलना

जिस घड़ी सोचना बस तुझे सोचना
हर हवा में फिजा में तुझे देखना
तेरे संग जिंदगी के वो प्यारे से खाब
मुश्किलें बेपनाह मोहब्बत बेहिसाब

तेरा वो मुझसे छुप छुप के मिलना
दिल ही दिल में जैसे फूलो का खिलना
डूबी डूबी सी यादों में कुछ गुन गुनाना
कभी खिल खिलाना कभी दिल दुखाना

तू नही है मगर तेरी यादें तो है
थोड़े धुन्दले हुए तेरे वादे तो है
जब तलक साँस है तुझे भुलाना है मुश्किल
तेरा दिल में आके फ़िर जाना है मुश्किल

यूँ तो कितनी ही बातें है यादें भी है
मेरे दिल के बंधे तुझसे धागे भी है
चंद पल तेरे बिन जी ही लिया हु मैं
चंद पल तेरे बिन और आगे भी है

Dar

खुली आंखों में सपने दिल में कशिश
ये शायद असर तेरे होने का है
दिल को बेचैन तुम थोड़ा धीरे करो
क्या कहू हमको डर ख़ुद के खोने का है

रविवार, 8 फ़रवरी 2009

Fate

तेरा एक आंसू हटाने को
अपने हज़ार अश्को की दुआ करूँ
जो भटक के डर बदर अगर
मेरे अश्क सूखे तो मैं क्या करूँ

तेरी राह में तेरा साथ दूँ
ये वादा है इरादा है
मेरे नाकाम सफर से थक अगर
मेरे पग रुके तो मैं क्या करूँ

मैंने तो छोडा ये जहाँ
मेरी जमीं तू आसमां
दुनिया से डर तू ही अगर
पीछे हटे तो मैं क्या करू

मैं तो सदा तेरा रहा
अब वक्त गुजरा है जरा
किसी और का सपना तुझे
प्यारा लगे तो मैं क्या करू