कुछ खुशी थोड़े गम
अपने संग लेके हम
हाथ में हाथ रख
उड़ के छु लें गगन
तू मेरा में तेरा
दिल है ठहरा मेरा
मेरी साँसों पे हो
जैसे पहरा तेरा
तेरे संग हर समां
जाने कैसी कशिश
तेरे संग एक पल
जैसे कोई तपिश
हर घड़ी इस कदर
तुझको चाहे ये मन
अब तो में बस तेरा
अब न कोई शिकन
आ चले अब कंही
दूर दुनिया से हम
तू कहे तो चलो
उड़ के छु ले गगन
सोमवार, 30 मार्च 2009
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