बुधवार, 5 दिसंबर 2007

Sentiments 2

तेरी हर जरा सी ख़ुशी के लिए
खुद को मिटाने को ये दिल करे

तेरे दिल को दुखाऊ जो भूले से में
खुद से रूठ जाने को यह दिल करे

तेरी राह में कभी अँधेरा ना हो
तारे तोड़ लाने को ये दिल करे

तिनका तिनका चुन चुन के जन्नत कि खुशिया
एक बसेरा बनाने को ये दिल करे

क्या कहू मेरे दिल कि है हालत अजब
तुझे देखते ही जाने को ये दिल करे

तेरा मुझसे है मिलना धोका अगर
बार बार धोका खाने को ये दिल करे
...


अपना हर गम गिला मुझको आया नजर
उसकी नम आंखो को मैंने देखा कहा

वह हंसी वो ख़ुशी थी छुपाये हुए
अपने भीतर कही एक अलग दासता

अपने चेहरे से शातिर ने गायब किया
हर शिकन सारे गम का नामो निशाँ

उसके दिल कि सिसक, दर्द कि इन्तिहाँ
ना मैं समझा ना बोली उसकी जुबां

अपना मिलना ना मंजूर था जहान को
ये जुदाई ही है वक़्त का फैसला

देर से ही मगर तुझको समझा हू मैं
मेरे दोस्त तू ही है अब भी मेरा खुदा
...

कुछ इस तरह से मेरी जिंदगानी हुई
टूटे शीशे के जैसी कहानी हुई

टूटता है शीशा फिर भी एक बार जिंदगी मे
मेरे दिल से कई बार बे-ई-मानी हुई

कोरे कागज़ पे लिखके मिटाया हो जैसे
बार बार सिलसिला दोहराया हो जैसे

चंद यादे ही मेरी निशानी हुई
...

दूरियों मे खुद के दिल का रह रह के रोना
सामने मुस्कुराने का नाम दोस्ती है

किस्मत का लिखा जानता है दिमाग
दिल को पल-पल मनाने का नाम दोस्ती है

एक सवाल जिससे दिल मे उलझने बहुत है
वही दोस्त को समझाने का नाम दोस्ती है

दोस्ती मे किया हुआ हर एक वादा
उमर भर निभाने का नाम दोस्ती है
...

During times when the sun is gone.
When everybody leaves and i am all alone
When eyes are wet and the time is blue
Who empowers me in only you

From starting till now how friendly you have been.
God's presence can be felt but he never can be seen.
Sometimes we find God within us, though.
Same God of mine i found in you
...

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